देशभर में 88 हजार अखबारों के रजिस्ट्रेशन रद्द, मध्य प्रदेश में भी हजारों प्रकाशन बंद — लोकसभा में सामने आया बड़ा खुलासा

देशभर में 88 हजार अखबारों के रजिस्ट्रेशन रद्द, मध्य प्रदेश में भी हजारों प्रकाशन बंद — लोकसभा में सामने आया बड़ा खुलासा
सांकेतिक चित्र 

लोकसभा में दिए गए आधिकारिक जवाब में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रेस सेवा पोर्टल की समीक्षा के बाद देशभर में 88,315 प्रकाशनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। सूची में कई बड़े राज्यों के साथ मध्य प्रदेश में भी हजारों अखबारों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है।


नई दिल्ली। देशभर के अखबारों और पत्र-पत्रिकाओं को लेकर लोकसभा में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने 11 मार्च 2026 को लोकसभा के तारांकित प्रश्न संख्या 3028 के जवाब में बताया कि प्रेस सेवा पोर्टल की प्रक्रिया के तहत देशभर में कुल 88,315 प्रकाशनों का पंजीकरण रद्द किया गया है।

सरकार द्वारा जारी राज्यवार आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा रद्दीकरण महाराष्ट्र में 12,403 प्रकाशनों का हुआ है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 11,987, दिल्ली में 11,920, तमिलनाडु में 6,443 और पश्चिम बंगाल में 6,322 प्रकाशनों के रजिस्ट्रेशन निरस्त किए गए हैं।

मध्य प्रदेश में भी बड़ा आंकड़ा
जारी आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में 4,806 प्रकाशनों का पंजीकरण रद्द किया गया है। इसके अलावा राजस्थान में 4,851, कर्नाटक में 5,059, केरल में 3,541, गुजरात में 3,539 और आंध्र प्रदेश में 2,485 प्रकाशनों के रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किए गए हैं।

सरकार के अनुसार यह कार्रवाई प्रेस सेवा पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड और निर्धारित प्रक्रियाओं की समीक्षा के बाद की गई है। हालांकि किन कारणों से प्रकाशनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया, इसका विस्तृत विवरण अलग से उपलब्ध कराया जाता है।

कुल मिलाकर देशभर में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मिलाकर 88,315 प्रकाशनों के पंजीकरण निरस्त होने की जानकारी लोकसभा में दी गई है।


Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.