स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति, साफ-सफाई की कमी और रजिस्टर में हेरफेर पर सख्ती
नरसिंहपुर।
जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने शनिवार को संयुक्त दल के साथ जिले के विभिन्न शासकीय स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में जिला शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत सीईओ और जिला मिड डे मील प्रभारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान स्कूलों की व्यवस्थाओं, बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया गया।
टीम ने सबसे पहले महोबा रोड स्थित प्राथमिक शाला टडेरा का निरीक्षण किया। यहां शिक्षक उपस्थित मिले और बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा जा रहा था। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सहित टीम के सदस्यों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन भी किया। बच्चों से चर्चा में पता चला कि उन्हें नियमित रूप से मेन्यू के अनुसार भोजन दिया जाता है और पढ़ाई का स्तर भी संतोषजनक पाया गया।
इसके बाद टीम शासकीय प्राथमिक शाला चौकी पुरवा पहुंची, जहां सभी बच्चे अनुपस्थित पाए गए और शिक्षक धनीराम प्रजापति अकेले स्कूल में बैठे मिले। पूछताछ में शिक्षक ने बताया कि मध्याह्न भोजन गांव में तैयार होने के कारण बच्चों को वहीं भेज दिया गया है। निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति अत्यंत कम पाई गई और स्कूल परिसर व कक्षों में साफ-सफाई की कमी भी देखी गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षक धनीराम प्रजापति को निलंबित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।
इसके पश्चात निरीक्षण दल ने माध्यमिक शाला कलानी का निरीक्षण किया। यहां शाला प्रभारी राखी भारती द्वारा बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के हॉफ टाइम में ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी। मध्याह्न भोजन का सैंपल भी उपलब्ध नहीं मिला। वहीं उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित विद्यार्थियों के स्थान पर बिंदी लगाकर उपस्थिति में हेरफेर करने की बात भी सामने आई। इन अव्यवस्थाओं को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत सीईओ ने शाला प्रभारी राखी भारती को भी निलंबित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि मध्याह्न भोजन के लिए खरीदी गई थाली और ग्लास की गुणवत्ता बेहद खराब है। इस मामले में समूह और जन शिक्षक की जिम्मेदारी तय करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने कलानी शाला के समूह से वर्तनों की राशि वसूलने के निर्देश दिए। साथ ही जानकारी दी गई कि जिले में करीब 2300 स्कूलों को किचन डिवाइस और वर्तन खरीदने के लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है।
