जिला चिकित्सा अधिकारी की चुप्पी: जालौन की युवती को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल
छतरपुर। जिला अस्पताल में पदस्थ जिला चिकित्सा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। मामला चंद्रनगर पुलिस चौकी द्वारा अस्पताल भेजी गई एक युवती से जुड़ा है, जिसे चंद्रनगर स्वास्थ्य केंद्र से 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल रेफर किया गया था।
क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भांजी बताई जा रही पुष्पा वर्मा (निवासी जिला जालौन, उम्र 24 वर्ष), कुछ दिनों पहले बमीठा थाना क्षेत्र के चंद्रनगर बाजार में भूख-प्यास से तड़पती हुई मिली थी। ग्रामीणों की सूचना पर चौकी चंद्रनगर के दो पुलिसकर्मियों एवं एक महिला पुलिसकर्मी ने युवती को उप स्वास्थ्य केंद्र चंद्रनगर में भर्ती कराया। जहाँ नर्स द्वारा पर्चा क्रमांक 1446 बनाकर उसे जिला अस्पताल छतरपुर भेज दिया गया।
अधिकारी नहीं दे रहे जानकारी
खबर के संबंध में जिला चिकित्सा अधिकारी राजेंद्र गुप्ता से मोबाइल पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उनके द्वारा मोबाइल रिसीव नहीं किया गया। 30 मार्च 2026 को भी जिला चिकित्सा अधिकारी ने इस युवती के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। अधिकारी का फोन रिसीव न करना और जानकारी देने में असमर्थ नजर आना जिला अस्पताल की लापरवाही को दर्शाता है।
प्रशासन के लिए चुनौती
दहशत में दिख रही यह युवती आखिर किस दलदल में फंसकर अपनी याददाश्त खो चुकी है, यह शासन-प्रशासन के लिए चुनौती का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल इस मामले की बारीकी से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर पाएंगे या नहीं।
किशोरी श्रीवास, छतरपुर
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