विनोद कुमार जैन
बकस्वाहा संवाददाता
बकस्वाहा। शासकीय महाविद्यालय बकस्वाहा में व्याप्त शैक्षणिक, प्रशासनिक और अनुशासनात्मक अव्यवस्थाओं के खिलाफ शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। विद्यार्थी परिषद के सदस्य सबसे पहले महाविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्राचार्य डॉ. पुष्पा सामवेदी को ज्ञापन सौंपा।
इसके बाद छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने तहसीलदार भरत पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय में नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है। हिंदी सहित कई विषयों की कक्षाएं पूरे सत्र में बेहद सीमित बार संचालित हुईं, जिससे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य संकट में पड़ गया है।
इसके अलावा अधिकांश प्राध्यापकों के मुख्यालय में निवास नहीं करने और समय पर उपस्थित न रहने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे अनुशासन व्यवस्था भी चरमरा गई है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
छात्रों ने महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की कमी और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं, वहीं पानी की समस्या से विद्यार्थियों को दैनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
परीक्षा और मूल्यांकन पर सवाल
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई प्राध्यापक परीक्षा कर्तव्यों से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। साथ ही छात्रों ने आरोप लगाया कि समस्याएं उठाने वाले विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन (सीसी) में असफल करने की धमकी दी जाती है।
प्राचार्य पर आरोप
विद्यार्थियों ने प्राचार्य पर पक्षपातपूर्ण एवं प्रताड़नात्मक व्यवहार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने वाले छात्रों को निशाना बनाया जाता है और उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जाता है। साथ ही प्राचार्य के नियमित रूप से अनुपस्थित रहने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
छात्रा से अभद्रता का मामला
ज्ञापन में एक प्राध्यापक पर छात्रा के साथ अमर्यादित व्यवहार का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। छात्रों का कहना है कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है।
तहसीलदार का बयान
इस संबंध में तहसीलदार भरत पांडे ने कहा कि “विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने आज महाविद्यालय में अव्यवस्थाओं के खिलाफ ज्ञापन दिया है। ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रेषित किया जाएगा तथा मैं स्वयं महाविद्यालय जाकर व्यवस्थाओं की जांच करूंगा।”
प्रमुख रूप से उपस्थित
इस दौरान प्रांत विद्यार्थी सेवा सह प्रमुख रोहन रावत, बड़ामलहरा भाग संयोजक राहुल प्रजापति, नगर मंत्री शिवम परिहार, एसएफडी प्रमुख निधि परिहार, विद्यालय अध्यक्ष सत्यम राजपूत, महाविद्यालय मंत्री रोहित आठ्या, रक्षा पाटकर, प्रियंका अहिरवार, काजल प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आंदोलन की चेतावनी
विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि यह संघर्ष केवल महाविद्यालय तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्र की उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है।
