बालाघाट/वारासिवनी। राइस मिलों में चावल को कृत्रिम रूप से सुगंधित बनाने के लिए केमिकल मिलाने की खबरों के बाद जिला प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने 17 मार्च को वारासिवनी क्षेत्र में राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश डोंगरे, वाजिद मोहिब और गीता टांडेकर की टीम ने लालबर्रा रोड स्थित गायत्री राइस मिल की जांच की। यहां “काली मूंछ” नामक सुगंधित चावल और उसमें उपयोग किए जा रहे एसेंस के नमूने लिए गए। साथ ही पैकिंग बोरियों की जांच में “Added Flavor” लिखा होना पाया गया।
इसके बाद टीम ने कटंगी रोड स्थित आनंद राइस मिल का भी निरीक्षण किया। यहां से भी “काली मूंछ” सुगंधित चावल और फ्लेवर्ड राइस के नमूने लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए। निरीक्षण के दौरान यहां भी पैकिंग पर “Added Flavor” का डिक्लेरेशन पाया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
