खैरलांजी।
जिले में सक्रिय लकड़ी तस्करों के खिलाफ पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रामपायली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर खैर की बेशकीमती लकड़ी से लदे एक ट्रक को जब्त किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह लकड़ी वारासिवनी वन क्षेत्र के जंगलों से काटकर महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी।
पुलिस ने ट्रक को जब्त कर खैरलांजी वन विभाग को सौंप दिया है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तस्कर, रात में करते हैं कटाई
बालाघाट जिले से लगे महाराष्ट्र के गोंदिया क्षेत्र के तस्करों ने सीमावर्ती गांवों में अपना नेटवर्क फैला रखा है। ये तस्कर रात के अंधेरे में जंगलों से खैर की लकड़ी काटकर तस्करी करते हैं।
11 मार्च की शाम करीब 6 बजे रामपायली पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध ट्रक लकड़ी लेकर महाराष्ट्र की ओर जा रहा है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने थाना परिसर के पास ही ट्रक को रोककर तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में खैर के लट्ठे पाए गए।
बिना दस्तावेजों के चल रहा था ट्रक
सूत्रों के अनुसार, जब्त ट्रक (क्रमांक MH 35 K 1239) सिहोरा (महाराष्ट्र) निवासी शुभम रहांगडाले के नाम पर बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि वाहन का इंश्योरेंस और फिटनेस समाप्त हो चुका था। बिना वैध दस्तावेज और बिना रॉयल्टी के इस ट्रक का उपयोग तस्करी में किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि लकड़ी की यह खेप खुर्सीपार निवासी रतन पटले की है, जो कटंगझरी के जंगलों से काटी गई थी।
वन विभाग की भूमिका पर सवाल
खैरलांजी वन परिक्षेत्र में तस्करों की सक्रियता को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि वन विभाग के जांच नाकों पर न तो सख्ती है और न ही नियमित जांच, जिससे तस्करों को खुली छूट मिल रही है।
कार्रवाई के बाद तस्करों में हड़कंप
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लकड़ी तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। वन विभाग अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी जांच कर रहा है।
इनका कहना है :-
वन परिक्षेत्र अधिकारी डी.एस. वासनिक ने बताया कि सूचना मिलते ही ट्रक को कब्जे में लेकर खैरलांजी वन कार्यालय परिसर में खड़ा कराया गया है। लट्ठों की गिनती और जब्ती पंचनामा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद आरोपियों पर वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
