विधानसभा में गूंजी घुवारा के युवा की आवाज, सुरेंद्र प्रजापति ने युवा संसद में किया दमदार संवाद

विकसित भारत युवा संसद 2026 में सागर संभाग का प्रतिनिधित्व, केंद्रीय बजट पर रखा प्रभावशाली दृष्टिकोण

रिपोर्टर: राजाराम साहू

घुवारा:
नगर घुवारा के होनहार युवा सुरेंद्र प्रजापति ने “विकसित भारत युवा संसद 2026” में प्रभावशाली सहभागिता के साथ संवाद कर क्षेत्र सहित सागर संभाग का नाम गौरवान्वित किया है। छोटे से कस्बे से साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विधानसभा जैसे उच्च मंच तक पहुंचना उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन का परिणाम है, जिसने उन्हें युवाओं के बीच नई पहचान दिलाई है।

यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा माय भारत पोर्टल के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत 2047 के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। उल्लेखनीय है कि सुरेंद्र प्रजापति का चयन सागर जिले एवं सागर संभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए हुआ, जबकि वे मूल रूप से छतरपुर जिले के निवासी हैं।

जिला से राज्य स्तर तक तय किया प्रेरक सफर
प्रतियोगिता की प्रक्रिया में प्रतिभागियों ने पहले जिला स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसके बाद चयनित शीर्ष 5 प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय मंच के लिए चुना गया। इसी क्रम में सुरेंद्र प्रजापति को भोपाल स्थित विधानसभा भवन में अपने विचार रखने का अवसर प्राप्त हुआ।

केंद्रीय बजट 2026 पर रखा सशक्त पक्ष
राज्य स्तरीय मंच पर उन्होंने “केंद्रीय बजट 2026 के माध्यम से युवा विकसित भारत 2047 में कैसे योगदान दे सकते हैं” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि यदि बजट में
कौशल विकास,
स्टार्टअप प्रोत्साहन,
रोजगार सृजन,
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
पर विशेष ध्यान दिया जाए, तो युवा देश को विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल मजबूत बजट से विकसित भारत का सपना पूरा नहीं होगा, इसके लिए युवाओं को कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का सामना करना होगा और जोखिम उठाने का साहस विकसित करना होगा। सरकार अवसर देती है, लेकिन उन्हें सफलता में बदलना युवाओं की जिम्मेदारी है।

अनुभव बना नई प्रेरणा का स्रोत
सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि वे लगातार विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने इसे अपने आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला अनुभव बताया और कहा कि यदि उनकी उपलब्धि से अन्य युवा प्रेरित होते हैं, तो यही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी होगी।

परिवार और मार्गदर्शन का अहम योगदान
सुरेंद्र प्रजापति, मूलचंद्र प्रजापति एवं भगवती प्रजापति के सुपुत्र हैं। उनके पिता शिक्षक हैं, जिनके संस्कार और मार्गदर्शन का उनके व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग को दिया।

इस उपलब्धि में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम अधिकारी अब्दुल तबरेज मंसूरी एवं डॉ. मोहम्मद अशफाक सिद्दीकी के मार्गदर्शन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रेरणादायक संदेश
“गांव की मिट्टी से निकला युवा भी देश की संसद तक अपनी आवाज पहुंचा सकता है, बस जरूरी है आत्मविश्वास, मेहनत और देश के लिए कुछ करने का जज्बा।

क्षेत्र में उत्साह का माहौल
सुरेंद्र प्रजापति की इस उपलब्धि पर घुवारा, छतरपुर और सागर संभाग में गर्व और उत्साह का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और युवाओं ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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