होटल-रेस्टारेंट संचालकों को ईंधन के वैकल्पिक साधन अपनाने की सलाह
बालाघाट / अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में एलपीजी गैस एजेंसियों तथा होटल-रेस्टारेंट संचालकों की बैठक लेकर गैस सिलेंडर के उपयोग के संबंध में चर्चा की। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री मायाराम कोल, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आर.के. ठाकुर, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री पहल सिंह वलाड़ी सहित गैस एजेंसी तथा होटल-रेस्टारेंट संचालक उपस्थित रहे।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री धुर्वे ने होटल एवं रेस्टारेंट संचालकों को निर्देश दिए कि वे लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग न करें। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार नीले रंग के वाणिज्यिक गैस सिलेंडर का वितरण वर्तमान में गैस एजेंसियों द्वारा नहीं किया जा रहा है, इसलिए होटल-रेस्टारेंट संचालक एवं केटरर्स ईंधन के अन्य वैकल्पिक साधन अपनाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि भोजन तैयार करने के लिए डीजल से चलने वाली भट्टी, बिजली से चलने वाले इंडक्शन कुकर या लकड़ी के चूल्हों का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही ईंधन की खपत कम करने के लिए खाद्य सामग्री बनाने में प्रेशर कुकर का उपयोग करने और होटल-रेस्टारेंट व शादी-विवाह के मेन्यू में ऐसे व्यंजन कम रखने की सलाह दी, जिन्हें तैयार करने में अधिक ईंधन की आवश्यकता होती है।
बैठक में गैस एजेंसियों के संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएं। जिले में लाल रंग के 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। अपर कलेक्टर ने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही गैस सिलेंडर, डीजल और पेट्रोल का उपयोग करें तथा इनका अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ताओं को ओटीपी बताना अनिवार्य होगा। ओटीपी बताने पर ही गैस एजेंसी द्वारा गैस सिलेंडर दिया जाएगा, अन्यथा सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। गैस एजेंसियों के संचालकों से कहा गया कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके हाकर्स उपभोक्ताथओं से गैस सिलेंडर की अधिक राशि कतई न लें। जिले में कहीं से भी अधिक दाम पर गैस सिलेंडर दिये जाने की शिकायत नहीं मिलना चाहिए।
