बालाघाट। जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत थाना
रामपायली पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने वैनगंगा नदी भेंडारा घाट में दबिश देकर अवैध रूप से रेत उत्खनन कर रहे तस्करों को रंगे हाथों पकड़ते हुए चार ट्रैक्टर (बिना नंबर) एवं एक लोडर मशीन जब्त की है। साथ ही इस पूरे प्रकरण में संलिप्त कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में महाराष्ट्र के रेत माफियाओं द्वारा मध्यप्रदेश के भेंडारा घाट से बिना अनुमति बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है और उसे ट्रैक्टरों के माध्यम से परिवहन कर बाजार में बेचा जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थाना रामपायली पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और गुप्त सूचना के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
बताया जाता है कि पुलिस टीम ने देर रात नदी क्षेत्र में दबिश दी, जहां कुछ लोग मशीनों की सहायता से रेत का उत्खनन कर रहे थे। मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने चार ट्रैक्टरों को रेत से भरे हुए पाया, वहीं एक लोडर मशीन के माध्यम से नदी से रेत निकाली जा रही थी। पुलिस को देखते ही कुछ लोग भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी महाराष्ट्र के निवासी बताए जा रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए चारों ट्रैक्टर एवं लोडर मशीन की कुल अनुमानित कीमत करीब 22 लाख 40 हजार रुपए आंकी गई है। जब्त वाहनों को थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है और आगे की जांच प्रक्रिया जारी है।
एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि अवैध रेत उत्खनन न केवल शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। नदियों से अनियंत्रित रूप से रेत निकालने से जलस्तर में गिरावट आती है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा नदी के प्राकृतिक प्रवाह में भी बाधा उत्पन्न होती है, जिससे बाढ़ जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस विभाग इस तरह की अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध उत्खनन या परिवहन होता हुआ दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर स्थानीय प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की सख्ती से अवैध खनन करने वालों में भय का माहौल बनेगा और इस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि बालाघाट जिले के कई क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार स्थानीय लोगों द्वारा भी इस मुद्दे को उठाया गया है और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है। ऐसे में रामपायली पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि यह अन्य क्षेत्रों में सक्रिय रेत माफियाओं के लिए भी एक सख्त संदेश है।
पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में संतोष का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही, तो अवैध खनन पर निश्चित रूप से अंकुश लगाया जा सकेगा। वहीं, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त पहल से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण सवाल:
अभी तक ट्रैक्टर मालिकों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन आगे इन वाहन मालिकों पर क्या कार्रवाई करता है।
