एम्स भोपाल में रक्तदाताओं की अनदेखी के आरोप: व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, जांच की मांग

भोपाल। राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल के ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। 

एक रक्तदाता ने संस्थान के अंदर अव्यवस्था, स्वच्छता की कमी और शिकायत करने पर कथित तौर पर धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
यश भारतीय (शिकायतकर्ता )


शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने दिसंबर 2025 में ब्लड बैंक परिसर में उपयोग किए जा रहे एक बर्तन में फफूंद लगे होने की शिकायत की थी। उनका दावा है कि मार्च 2026 तक भी वह बर्तन वहीं मौजूद रहा, जिससे संस्थान की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रक्तदाता ने यह भी आरोप लगाया कि ब्लड बैंक में प्रवेश प्रक्रिया प्रशिक्षित कर्मचारियों के बजाय सुरक्षा गार्ड से कराई जा रही है। साथ ही काउंसलिंग रूम में चिकित्सकों के व्यस्त रहने के दौरान रक्तदाताओं को बाहर इंतजार करना पड़ता है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिसर में पुरानी कोल्ड ड्रिंक की बोतलों और अस्वच्छ बर्तनों का उपयोग पानी पिलाने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा शिकायत करने पर एक डॉक्टर द्वारा सुरक्षा बुलाने की चेतावनी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

रक्तदाता का यह भी कहना है कि जनवरी से बजट की कमी का हवाला देकर रक्तदाताओं को दिए जाने वाले जूस और बिस्किट जैसे रिफ्रेशमेंट बंद कर दिए गए हैं। वहीं संस्थान के प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि चिकित्सा अधीक्षक का पद लंबे समय से अस्थायी जिम्मेदारी के तहत संचालित होने की बात कही गई है।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

डिस्क्लेमर:
इस खबर में प्रकाशित सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। यदि इस संबंध में एम्स भोपाल प्रशासन या किसी भी संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष या प्रतिक्रिया दर्ज करानी हो, तो वे हमारे दिए गए संपर्क नंबर या ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं। उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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