सिवनी/भोपाल। मध्यप्रदेश शासन द्वारा 24 दिसंबर 2025 और 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित परिवहन संशोधनों को लेकर प्रदेश में विवाद की स्थिति बनी हुई है। सिवनी जिला प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने इन संशोधनों का विरोध करते हुए 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
क्या है शासन का आदेश
सरकार ने बस संचालन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इनमें मुख्य रूप से—
परमिट प्रक्रिया में संशोधन
टैक्स और कागजी कार्यवाही से जुड़े नियमों में बदलाव
बस संचालन को अधिक नियंत्रित और सुव्यवस्थित करने के प्रावधान
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
बस संचालकों का कहना है कि—
नए नियमों से आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
छोटे बस मालिकों को ज्यादा परेशानी होगी।
वर्तमान व्यवस्था में बदलाव से व्यवसाय प्रभावित होगा।
संगठन ने मांग की है कि 24 दिसंबर और 29 जनवरी को जारी संशोधन वापस लिए जाएं और पुरानी व्यवस्था जारी रखी जाए।
22 फरवरी 2026 को सागर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि शासन ने संशोधन वापस नहीं लिए तो 2 मार्च से प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। सिवनी में भी अभिनंदन होटल (वाटिका) में बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है।
सिवनी - अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
इस मामले में देवेश बाथम, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा है कि
“शासन से जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह सभी के हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।”
उन्होंने संकेत दिया कि शासन स्तर पर विषय पर विचार किया जा रहा है और सभी पक्षों को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लिया जाएगा।
आमजन पर संभावित प्रभाव
यदि 2 मार्च से हड़ताल होती है तो सिवनी सहित प्रदेश के कई जिलों में यात्री परिवहन प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
अब नजर इस बात पर है कि शासन और बस ऑपरेटर्स के बीच वार्ता से समाधान निकलता है या नहीं। आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
