मंडला।
सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और जनहानि को कम करने के उद्देश्य से “पीएम राहत” कैशलैस उपचार योजना का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। यह योजना मध्यप्रदेश पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि योजना के तहत प्राप्त मामलों का समयबद्ध पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करें, ताकि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की देरी न हो।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्रीटमेंट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सड़क दुर्घटना से संबंधित प्रकरण तैयार कर ईडीएआर पोर्टल के जरिए संबंधित थाना क्षेत्र को भेजे जा रहे हैं। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिस थाना क्षेत्र में दुर्घटना हुई है, वहां की पुलिस 24 से 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से सत्यापन करेगी।
यदि दुर्घटना अन्य जिले की सीमा में पाई जाती है, तो संबंधित प्रकरण को 3 घंटे के भीतर उस जिले को अग्रेषित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्तर पर नामित अधिकारी द्वारा योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और लंबित प्रकरणों की सतत समीक्षा की जा रही है।
मंडला पुलिस का उद्देश्य है कि पुलिस सत्यापन में देरी के कारण किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को उपचार से वंचित न होना पड़े। योजना की प्रगति की निगरानी रीयल टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से उच्च स्तर पर की जा रही है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित समाज के निर्माण में सहभागी बनें।
