वारासिवनी, 22 फरवरी 2026।
तहसील वारासिवनी के सिद्धिविनायक मंदिर परिसर (श्री फर्नीचर के सामने, बालाघाट रोड) में रविवार को मासिक महाआरती का भव्य शुभारम्भ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भगवती मानव कल्याण संगठन एवं पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6:22 बजे 5 घंटे के अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ से हुई। लगातार पांच घंटे तक चले इस पाठ के पश्चात विधिवत महाआरती संपन्न की गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और भक्तगणों ने भाग लेकर दिव्य आरती का लाभ प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
संगठन पदाधिकारियों ने रखे विचार
समापन अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष जगदीश बिल्होरे ने सदगुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से प्राप्त महाआरती क्रम पर प्रकाश डालते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बताया।
जिला अध्यक्ष दिलीप चौधरी ने धर्म, राष्ट्र एवं मानवता के कर्तव्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। राजू चौहान ने सदगुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से जीवन में प्राप्त होने वाले फलों पर प्रकाश डाला।
युवा मोर्चा अध्यक्ष आकाश ने कार्यक्रम का संचालन सफलतापूर्वक किया।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक विवेक (विक्की) पटेल की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ छगन हनवत, अजय बिसेन, झामसिंग भगत, राजेंद्र पंचेश्वर, मदन चौधरी, मोहनलाल नगपुरे, कैलाश सोनी, किशोर बानेवार, बजरंगसिंह राजपूत, लोकेश चित्रिव, रमेश सोनी, भैयालाल बिसेन, अंगराज पटले, उपेंद्र कटरे, बिसराम पटले, आलोक सवालाखे, लिखनलाल भवरे, विनय गाड़ेडेकर, भूमेश्वर झाड़े, रमेश सोलंकी, तुलसीराम जैतवार, तामेश्वर दुबे, राहुल पटले, कन्हैयालाल हरिनखेड़े, राखी आचरे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महिलाओं में सुनीता बिल्होरे, योगेश्वरी ठाकरे, सोनम चित्रिव, वीणा चौहान, अर्चना भारद्वाज, गायत्री अंबुले, कु. भारती भवरे सहित अन्य मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी रही।
अंत में ब्लॉक अध्यक्ष तुपेश ठाकरे ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
आध्यात्मिक एकता का संदेश
मासिक महाआरती के इस शुभारम्भ ने वारासिवनी क्षेत्र में धार्मिक एवं सामाजिक एकता का संदेश दिया। आयोजकों ने जानकारी दी कि यह महाआरती प्रत्येक माह के चतुर्थ रविवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में सतत आध्यात्मिक जागरण का वातावरण बना रहेगा।
