बरमान घाट में यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक कार्यशाला का दिव्य आयोजन

बरमान घाट में यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक कार्यशाला का दिव्य आयोजन
बरमान घाट, नरसिंहपुर। माँ रेवा की पावन धरा बरमान घाट स्थित प्रसिद्ध शारदा मंदिर में यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक कार्यशाला का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन परशुराम कल्याण बोर्ड एवं श्री परशुराम सेना के आह्वान पर संपूर्ण मध्यप्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत संपन्न हुआ।

वैदिक विधि से संपन्न हुआ संस्कार

कार्यक्रम का संयोजन परशुराम सेना मप्र के जिला अध्यक्ष पं. मुकेश बसेड़िया एवं जिला उपाध्यक्ष पं. भागीरथ तिवारी के नेतृत्व में किया गया। बरमान घाट स्थित बरमान घाट के प्रसिद्ध शारदा मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञोपवीत संस्कार की विधि संपन्न कराई गई।


मंदिर के आचार्य पं. जमुना प्रसाद त्रिपाठी एवं पं. लक्ष्मीनारायण तिवारी ने यज्ञोपवीत संस्कार के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह संस्कार बालक के जीवन में शिक्षा, अनुशासन और कर्तव्यबोध की शुरुआत का प्रतीक है।

बटुकों को कराया गया नवीन यज्ञोपवीत धारण
पं. अभिषेक दुबे ने वैदिक विधि-विधान के साथ अनेक बटुक ब्राह्मणों एवं उपस्थित सनातन बंधुओं का यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराया। साथ ही पूर्व में संस्कार प्राप्त कर चुके बटुकों को नवीन यज्ञोपवीत धारण करवाया गया।

आयोजन में परशुराम सेना मप्र करेली के नगर प्रतिनिधि पं. रामरतन शर्मा, पं. नीतू दीक्षित एवं पं. हरिकिशन पाठक की गरिमामयी उपस्थिति रही।

संस्कारों से जुड़ रही युवा पीढ़ी

कार्यक्रम के संयोजक पं. मुकेश बसेड़िया ने बताया कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कार, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं की जानकारी प्राप्त होती है। जिला उपाध्यक्ष पं. भागीरथ तिवारी ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों, गुरुजनों एवं बटुक ब्राह्मणों का आभार व्यक्त करते हुए तिलक कर सम्मान किया।

माँ नर्मदा के तट पर वैदिक मंत्रों की गूंज और धर्ममय वातावरण ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। 
आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और संस्कार परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया।

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