डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज! सड़क हादसे के पीड़ितों के लिए ‘पीएम राहत योजना’ लागू

देवास / भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘पीएम राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) योजना’ को 13 फरवरी 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया है। जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती निशा चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार सरकारी एवं चिन्हित निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा।

 गोल्डन ऑवर में इलाज से बच सकती हैं 50% तक जानें

भारत में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि दुर्घटना के पहले एक घंटे (गोल्डन ऑवर) में पीड़ित को अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है।
दुर्घटना की स्थिति में:
पीड़ित, राहगीर या कोई भी व्यक्ति 112 डायल कर सकता है
निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी और एम्बुलेंस सहायता प्राप्त की जा सकती है

क्या मिलेगी सुविधा?

‘पीएम राहत योजना’ के अंतर्गत:
किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुई दुर्घटना के प्रत्येक पात्र पीड़ित को लाभ मिलेगा
दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक उपचार की सुविधा
प्रति व्यक्ति अधिकतम 1,50,000 रुपये तक कैशलेस इलाज

 उपचार की अवधि:

जीवन को खतरा नहीं होने पर: अधिकतम 24 घंटे तक स्टेबलाईजेशन उपचार
जीवन के लिए घातक मामलों में: अधिकतम 48 घंटे तक स्टेबलाईजेशन उपचार
यह पूरी प्रक्रिया एकीकृत डिजिटल प्रणाली पर पुलिस प्रमाणीकरण के अधीन संचालित होगी।

 योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी सड़क दुर्घटना पीड़ित आर्थिक तंगी के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न रहे।
‘पीएम राहत योजना’ सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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