भोपाल में बच्चा चोर की अफवाह फैलाने पर केस दर्ज


इंस्टाग्राम पर भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले के खिलाफ थाना अयोध्यानगर पुलिस की कार्रवाई

भोपाल। नगरीय क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चा चोरी की अफवाह फैलाने के मामले में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने एक इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। आरोपी द्वारा इंस्टाग्राम आईडी prathvi_banna_744 से एक पुराना और भ्रामक वीडियो पोस्ट कर बच्चा चोर गिरोह सक्रिय होने का दावा किया जा रहा था, जिससे समाज में भय, तनाव और वैमनस्य का वातावरण बन रहा था।

पुलिस आयुक्त संजय कुमार (IPS) एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी (IPS) के निर्देशानुसार सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त जोन-02 विवेक सिंह (IPS), अति. पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी. नगर संभाग मनीष भारद्वाज (IPS) के मार्गदर्शन में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।

2019 का निकला वीडियो, भोपाल से नहीं था कोई संबंध

पुलिस जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो अगस्त 2019 का है और घटना उत्तर प्रदेश के जिला जालौन के थाना एट क्षेत्र की है। वहां एक बालक सोनू श्रीवास को कुछ लोगों ने बच्चा चोर बताकर मारपीट की थी और उसका हाथ बांधकर वीडियो बनाया था। बाद में जांच में यह पूरी घटना फर्जी पाई गई थी।

उस मामले में स्थानीय आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 205/19 धारा 323, 342, 504, 506, 34 IPC, 67 IT Act तथा SC/ST Act के तहत कार्रवाई की गई थी।

भोपाल में हाल ही में वायरल किए गए वीडियो का घटना से कोई संबंध नहीं पाया गया। इसके बावजूद उक्त इंस्टाग्राम आईडी से इसे ताजा घटना बताकर प्रचारित किया गया।

प्रतिबंधित आदेश का उल्लंघन

भोपाल नगरीय क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचना प्रसारित करने पर धारा 163 बीएनएसएस के तहत पूर्व में प्रतिबंध आदेश जारी किया गया है। उक्त आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर थाना अयोध्यानगर भोपाल में अपराध क्रमांक 77/2026 धारा 223(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।



पुलिस की आमजन से अपील

भोपाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में बच्चा चोरी की कोई घटना नहीं हुई है। नागरिकों से अपील की गई है कि—

किसी भी वीडियो या संदेश को बिना सत्यापन के शेयर न करें।

भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें और दूसरों को भी रोकें।

फर्जी या भ्रामक वीडियो का प्रचार-प्रसार करना कानूनन अपराध है।


पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति बिना पुष्टि के झूठी जानकारी प्रसारित करता है तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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