आदिवासी छात्रावासों की सुविधाओं पर उठे सवाल, शिकायत के आधार पर जांच की मांग

संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते




बालाघाट। मध्यप्रदेश में आदिवासी छात्रावासों में उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते ने इस संबंध में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आदिवासी विकास विभाग से जुड़े कुछ मामलों की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत पत्र में श्री समरीते ने दावा किया है कि आदिवासी विकास विभाग एवं सहायक आयुक्त कार्यालयों के माध्यम से GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल से की गई कुछ खरीदी प्रक्रियाओं की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने बालाघाट, मंडला, सिवनी, खंडवा, छिंदवाड़ा, बैतूल, अलीराजपुर एवं झाबुआ जिलों का उल्लेख करते हुए कहा है कि इन जिलों में सामग्री खरीदी और कार्यों की स्थिति की जांच की जानी चाहिए।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2022 के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत छात्रावासों में सौर ऊर्जा आधारित वॉटर हीटर लगाने के लिए बजट आवंटन किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, कई स्थानों पर इन सुविधाओं के स्थापित न होने को लेकर जानकारी सामने आई है, जिससे छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अतिरिक्त, श्री समरीते ने बालाघाट जिले के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में GeM पोर्टल के माध्यम से की गई रोटी बनाने की मशीन की खरीदी का भी उल्लेख करते हुए इसकी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र के साथ संबंधित दस्तावेज संलग्न किए होने का दावा किया है।

पूर्व विधायक ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि बालाघाट जिले सहित प्रदेश के सभी जिलों में आदिवासी विकास विभाग द्वारा की गई खरीदी एवं कार्यों की तथ्यात्मक और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

नोट:
यह समाचार शिकायत पत्र में किए गए दावों एवं आरोपों पर आधारित है

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