उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की।
मंत्री परमार ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा अत्यंत गौरवशाली रही है। अतीत के संघर्षों और बलिदानों से सीख लेकर आगे बढ़ना ही भारत को पुनः विश्वगुरु बनाएगा। उन्होंने एमसीयू द्वारा सौ वर्षों की धरोहरों पर आधारित समाचार पत्रों की ऐतिहासिक सुर्खियों के संरक्षण को सराहनीय और अनुकरणीय पहल बताया।
पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी को नमन करते हुए मंत्री परमार ने कहा कि दोनों महापुरुषों का राष्ट्र को जागृत करने में अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समस्याओं का समाधान देश के भीतर ही खोजा जाना चाहिए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत-केंद्रित है, जिसमें भारतीय दर्शन, मूल्यों और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना निहित है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके साथ ही प्रदेश में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं कृषि क्षेत्र में नर्मदा और चंबल नदियों के जल का उपयोग कर सिंचित क्षेत्र को 55 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मंत्री परमार ने विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर, सशक्त और वैभवशाली भारत के निर्माण के संकल्प में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कुलगुरु का संबोधन
गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की 35 वर्षों की यात्रा में 62 लाख से अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर देश-विदेश के प्रमुख मीडिया संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, सुदृढ़ परीक्षा प्रणाली और नवाचारपूर्ण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आगामी जुलाई सत्र से डिजिटल मार्केटिंग एवं फाइनेंशियल अकाउंटिंग के दो नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे, जिनमें एआई टूल्स, टैली और मीडिया की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यवस्तु शामिल होगी।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कुलगुरु ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम का आयोजन एमसीयू, भारत सरकार के शिक्षा विभाग और मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
