छतरपुर (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां प्रदेश सरकार सड़कों के जाल और विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं छतरपुर नगर पालिका की अनदेखी के कारण जनक विहार कॉलोनी के रहवासी और स्कूली बच्चे भारी मुसीबत झेलने को मजबूर हैं।
सागर रोड स्थित जनक विहार कॉलोनी (वार्ड क्रमांक 35) में जमुनिया पुल के पास की कच्ची सड़क बारिश के बाद पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर 3 से 4 फीट गहरे गड्ढे और भारी कीचड़ के कारण आए दिन वाहन चालक और पैदल यात्री हादसे का शिकार हो रहे हैं।
स्कूली बच्चों से लगवाया धक्का, प्रशासन पर उठे सवाल हाल ही में सामने आए एक वीडियो और तस्वीरों ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। 'DRP PUBLIC SCHOOL' की एक वैन दलदल भरे रास्ते में गहराई तक फंस गई। वाहन को कीचड़ से निकालने के लिए चालक के साथ यूनिफॉर्म पहने मासूम बच्चों को धक्का लगाना पड़ा। बारिश के दिनों में रोजाना इसी जानलेवा रास्ते से स्कूली बच्चे और रहवासी गुजरते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
टैक्स लेने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं जनक विहार कॉलोनी के रहवासियों का कहना है:
- 200 से अधिक मकान: कॉलोनी में लगभग 200 घर बने हैं, जिनमें 100 से ज्यादा मकानों की नगर पालिका से विधिवत अनुमति ली गई है।
- नियमित टैक्स: खाली प्लॉटों और मकानों का नियमित टैक्स जमा करने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं कराया गया।
- शिकायतों का असर नहीं: सीएम हेल्पलाइन और नगर पालिका में कई बार लिखित आवेदन देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्कूल प्रबंधन की भी लापरवाही मामले में केवल नगर पालिका ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की भी गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। दलदल में फंसी वैन को निकालने के लिए बच्चों से मशक्कत कराना सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि नगर पालिका तुरंत गड्ढों को भरकर सड़क को आवागमन योग्य बनाए और प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी अधिकारियों एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।


