| भारती पारधी ने संसद |
नई दिल्ली। भारती पारधी ने संसद के शून्यकाल में बालाघाट-सिवनी क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, सिवनी को स्वायत्तशासी (Autonomous) दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि यह संस्थान लंबे समय से पूरे आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक विश्वसनीय केंद्र बना हुआ है।
अपने वक्तव्य में सांसद पारधी ने बताया कि यह महाविद्यालय विशेष रूप से ग्रामीण एवं आदिवासी छात्र-छात्राओं, खासकर बेटियों के लिए शिक्षा का मजबूत आधार रहा है। वर्तमान में यहां 8,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो इसकी बढ़ती उपयोगिता और क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि इस प्रतिष्ठित संस्थान को शीघ्र स्वायत्तशासी दर्जा प्रदान किया जाए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके और क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक एवं रोजगार अवसर मिल सकें।
सांसद पारधी ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वायत्तशासी दर्जा मिलने से महाविद्यालय को शैक्षणिक, प्रशासनिक और अनुसंधान के क्षेत्र में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।
अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने कहा, “पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया”, और इसी सोच के साथ क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस कदम को अत्यंत आवश्यक बताया।
