पीएम श्री स्कूल दरगुवा में 36 लाख की वित्तीय अनियमितता का मामला, प्रभारी प्राचार्य समेत 5 पर कार्रवाई की तैयारी
वकस्वाहा (विनोद कुमार जैन)। छतरपुर जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता का एक मामला सामने आने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरगुवा में लगभग 36 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की बात जांच में सामने आने के बाद संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य प्रार्थना अहिरवार, संयुक्त खातेदार श्रीराम तिवारी, एक उच्च माध्यमिक शिक्षक सहित जांच से जुड़े अन्य सदस्यों के संबंध में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले की जांच के लिए त्रि-सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में लगभग 36 लाख रुपये की राशि के उपयोग में अनियमितता के संकेत मिलने की बात सामने आई है।
जनप्रतिनिधियों के पत्र के बाद तेज हुई प्रक्रिया
बताया गया है कि इस प्रकरण को लेकर बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक रामश्री (रामसिया भारती) ने 15 जनवरी 2026 को संबंधित विभाग को पत्र लिखकर मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद जिले के प्रभारी मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने भी 16 जनवरी 2026 को मामले में संज्ञान लेते हुए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में मामला आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त कर आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की है।
कारण बताओ नोटिस जारी
जिला शिक्षा अधिकारी ए.एस. पाण्डेय द्वारा संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी क्रम में प्रभारी प्राचार्य प्रार्थना अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और प्रकरण विभागीय स्तर पर विचाराधीन बताया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई जानकारी
मामले की जानकारी प्रभारी मंत्री, विधायक, कलेक्टर छतरपुर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी प्रेषित की गई है, ताकि आगे की कार्रवाई से संबंधित सभी स्तरों को अवगत कराया जा सके।
अंतिम निर्णय जांच के बाद
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार मामले में प्राप्त स्पष्टीकरण और विभागीय जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और अभिभावकों सहित क्षेत्र के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
