| भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को मां नर्मदा की तस्वीर भेंट करते हुए समाज के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष |
95% वोट के बावजूद उपेक्षा क्यों?
सत्ता और संगठन में प्रतिनिधित्व की मांग, आश्वासन पर बढ़ता आक्रोश
संवाददाता: रूप नारायण मेहरा, तेंदूखेड़ा
तेंदूखेड़ा। चौरसिया समाज की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जीवेश चौरसिया ने मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपकर समाज की पीड़ा व्यक्त की। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम भी मांगों से अवगत कराया गया।
जीवेश चौरसिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में चौरसिया समाज अन्य पिछड़ा वर्ग की प्रमुख और अधिक आबादी वाली जातियों में शामिल है। प्रदेश की कुल आबादी में समाज की भागीदारी लगभग 2.72 प्रतिशत बताई जाती है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न चुनावों में समाज का लगभग 95 प्रतिशत मतदान भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जाता रहा है, जिसका प्रमाण चुनाव परिणामों से स्पष्ट है। इसके बावजूद सत्ता और संगठन में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है।
प्रमुख मांगें और उठाए गए मुद्दे
छतरपुर में वर्षों पूर्व घोषित पान विकास निगम की स्थापना पर अमल।
चौरसिया महासभा की महापंचायत से जुड़े लंबित निर्णयों पर कार्रवाई।
संगठन और विभिन्न प्रकोष्ठों में समाज को प्रतिनिधित्व।
मुख्यमंत्री से मिलने हेतु समय और तिथि निर्धारित करने की मांग।
जीवेश चौरसिया ने कहा कि बार-बार आवेदन और निवेदन के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहा है, जिससे समाज में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समाज के लोग केवल चुनाव के समय ही याद किए जाएंगे?
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 1977 में भाजपा से पांच विधायक चौरसिया समाज से निर्वाचित हुए थे, परंतु वर्तमान में संगठन और शासन स्तर पर समाज को वह महत्व नहीं मिल पा रहा है जिसकी अपेक्षा है।
ज्ञापन सौंपते समय जीवेश चौरसिया ने प्रदेश अध्यक्ष को मां नर्मदा की तस्वीर स्मृति-चिन्ह के रूप में भेंट की। इस अवसर पर अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा के प्रदेश प्रचार मंत्री नरेंद्र चौरसिया भी उपस्थित रहे।
समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में बढ़ता आक्रोश आगे व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।




