| सांकेतिक चित्र |
10 साल की सजा: लोहे की सब्बल से हमला करने वाले दो आरोपी दोषी करार
छतरपुर। लोहे की सब्बल से जानलेवा हमला करने के मामले में तृतीय अपर जिला न्यायालय ने दो आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी अनुदीप उर्फ अभि और नंदराम चौरसिया को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
क्या था मामला?
अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2019 को फरियादी शांतिबाई अपने ससुर हरप्रसाद चौरसिया के साथ मौजा महाराजपुर स्थित खेत पर पहुंचीं। वहां देखा कि आरोपी नंदराम चौरसिया ने उनका खेत जुतवा लिया था। इस पर आपत्ति जताने पर नंदराम और उसका पुत्र अभि हाथों में लोहे की सब्बल लेकर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।
फरियादी द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने सब्बल से उसके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई। बचाने आए उसके ससुर हरप्रसाद चौरसिया पर भी दोनों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया। गंभीर मारपीट में हरप्रसाद जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
घायल पक्ष ने 100 डायल कर पुलिस को सूचना दी और जिला अस्पताल छतरपुर में उपचार कराया। देहाती नालशी के आधार पर थाना महाराजपुर में अपराध दर्ज किया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय का फैसला
सभी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया।
- भादवि की धारा 307/34 के तहत 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 हजार रुपये अर्थदंड
- भादवि की धारा 324/34 के तहत 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 हजार रुपये अर्थदंड
न्यायालय के इस फैसले को गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

