गुना।किशोरी श्रीवास मध्य प्रदेश के गुना जिले में दबंगों के कथित आतंक का एक मामला सामने आया है। ग्रामीण तहसील एवं कैंट थाना क्षेत्र के ग्राम इमझरा में अहिरवार समाज के परिवारों ने गांव के कुछ लोगों पर उनके पुराने मकान गिराकर जमीन पर जबरन कब्जा करने तथा विरोध करने पर धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से वे भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं।
पुराने मकान गिराकर जमीन पर कब्जे का आरोप
मंगलवार को एसपी हितिका वासल की जनसुनवाई में ग्राम इमझरा निवासी भागीरथ, मांगीलाल, गणेशराम, भैरोंलाल, लल्लू, कृपाण और शंकरलाल अहिरवार ने अपनी शिकायत प्रस्तुत की। आवेदकों के अनुसार उनके पूर्वजों की भूमि, जिनमें सर्वे क्रमांक 420/1/2, 420/1/1, 422, 420/2, 446/530 आदि शामिल हैं, पर सरनाम सिंह रघुवंशी पुत्र आनंद सिंह तथा उनके पुत्र मनोज रघुवंशी और विनोद रघुवंशी द्वारा कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है।
पीड़ितों का आरोप है कि उनके पुराने कच्चे मकानों को गिराकर उक्त जमीन पर खेत एवं पक्का मकान बना लिया गया। इसके चलते प्रभावित परिवारों को अपने खेतों में रहकर जीवन गुजारना पड़ रहा है।
विरोध करने पर धमकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर उन्हें आए दिन गाली-गलौज की जाती है तथा जान से मारने की धमकी दी जाती है। साथ ही जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ितों का कहना है कि मामले को लेकर उन्होंने पूर्व में तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों के समक्ष कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
'पैसे का रौब दिखाकर धमकाते हैं'
शिकायतकर्ताओं के अनुसार कथित दबंगों द्वारा उन्हें यह कहकर भी धमकाया जाता है कि उनके पास पैसा है और वे किसी को भी खरीद सकते हैं। इन आरोपों के चलते अहिरवार समाज के परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कथित कब्जे से जमीन मुक्त कराने, दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने और अपने परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ी घटना की आशंका
पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
अब देखना होगा कि जनसुनवाई में सामने आई इस शिकायत पर गुना जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है और लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे इन परिवारों को कब राहत मिलती है।
नोट: खबर में लगाए गए कब्जे, धमकी और जातिसूचक शब्दों के आरोप शिकायतकर्ताओं के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच/कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।



