| Ai image सांकेतिक चित्र |
छतरपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने सुरक्षा इंतज़ामों और हमारी छोटी सी लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। देरी रोड स्थित शांति नगर में एक पेट्रोल पंप संचालक के घर को चोरों ने निशाना बनाया, जहाँ से वे लाखों की नकदी, जेवरात और एक लाइसेंसी हथियार लेकर रफूचक्कर हो गए।
लापरवाही पड़ी भारी: 14 मार्च से बंद थे 'तीसरी आँख' के पहरे
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए CCTV कैमरे पिछले 15 दिनों (14 मार्च) से खराब पड़े थे। घर के मालिक अनिल कुमार जैन ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि कैमरों को ठीक कराने में हुई यह देरी उन्हें इतनी महंगी पड़ेगी। चोरों ने इसी तकनीकी खामी का फायदा उठाया और बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया।
क्या-क्या ले गए चोर?
पीड़ित परिवार जब घर लौटा तो मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। अलमारियों के ताले टूटे थे और सामान बिखरा पड़ा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार:
सोने और चांदी के कीमती जेवरात।
एक 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक (जो सुरक्षा के लिहाज से पुलिस के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है)।
आधी रात को मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि चोर घर के भीतर तांडव मचा ही रहे थे कि तभी किसी आहट ने उन्हें चौंका दिया। पकड़े जाने के डर से चोर आनन-फानन में जितना सामान हाथ लगा, उसे लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले।
पुलिस की पड़ताल और सबक
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस और FSL (फॉरेंसिक) की टीम ने मौके का मुआयना किया। पुलिस अब आसपास के मोहल्लों में लगे अन्य कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सुराग मिल सके।
एक मानवीय नजरिया:
यह घटना हमें याद दिलाती है कि घर से बाहर जाते समय सिर्फ ताले लगाना काफी नहीं है। हमारे सुरक्षा उपकरण (CCTV, अलार्म) सही स्थिति में होने चाहिए। एक छोटी सी तकनीकी खराबी अपराधियों के हौसले बुलंद कर देती है।
