बालाघाट: बोर्ड परीक्षाओं की सुचिता पर प्रशासन की पैनी नजर; जिला शिक्षा अधिकारी के उड़नदस्ता दल ने केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
बालाघाट। जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कलेक्टर श्री मृणाल मीना के मार्गदर्शन में जिले के सभी 10 विकासखंडों में निरीक्षण टीमों को सक्रिय किया गया है। इसी कड़ी में आज, 06 मार्च को जिला शिक्षा अधिकारी के विशेष उड़नदस्ता दल ने जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
इन परीक्षा केंद्रों पर पहुँचा उड़नदस्ता दल
जिला शिक्षा अधिकारी श्री अश्विनी कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में उड़नदस्ता दल ने निम्नलिखित क्षेत्रों के बोर्ड परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया:
* मोहनपुर एवं बिठली
* सोनगुड्डा एवं डाबरी
* पाथरी
निरीक्षण के दौरान टीम ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। मुख्य रूप से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षार्थियों की उपस्थिति, कक्ष निरीक्षण की व्यवस्था और परीक्षा संचालन के प्रोटोकॉल की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि सभी केंद्रों पर परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों के अनुरूप संचालित पाई गईं।
केंद्राध्यक्षों को सख्त निर्देश: नियमों में न हो कोई कोताही
निरीक्षण के दौरान डीईओ श्री उपाध्याय ने केंद्राध्यक्षों और कक्ष निरीक्षकों से चर्चा की और उन्हें शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
* परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
* विद्यार्थियों को शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराना केंद्र प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
* किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के लिए तैनात है प्रशासनिक अमला
बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए केवल शिक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि राजस्व और जनपद पंचायत के अधिकारी भी मैदान में हैं। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ (BDO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी लगातार केंद्रों का दौरा कर रहे हैं।
> प्रशासन का संदेश: "विद्यार्थी तनावमुक्त होकर परीक्षा दें। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर केंद्र पर नकल विहीन और पारदर्शी व्यवस्था बनी रहे।"
