होलिका दहन में गौकाष्ठ की लकड़ी ही जलाएं: कलेक्टर
जिला शांति समिति की बैठक में त्योहारों को शांतिपूर्वक मनाने की अपील
जिले में आने वाले त्योहारों को देखते हुए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रजनी सिंह ने की। बैठक में होली (2 मार्च), रंगपंचमी (8 मार्च), चैत्र नवरात्रि (19 मार्च से) और ईद-उल-फितर (21 मार्च) को शांतिपूर्वक मनाने पर चर्चा की गई।
होलिका दहन में क्या रखें ध्यान?
कलेक्टर ने कहा कि होलिका दहन के दौरान पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गौकाष्ठ (गोबर से बनी लकड़ी) का ही उपयोग किया जाए। इसके लिए वन विभाग के डिपो में गौकाष्ठ उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि होलिका दहन हमेशा परंपरागत स्थान पर ही किया जाए और बिजली के तारों के नीचे आग न जलाई जाए। रात 11 बजे तक होलिका दहन पूरा कर लिया जाए।
लाउड स्पीकर और बोर्ड परीक्षा का ध्यान
इस समय जिले में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए होली पर लाउड स्पीकर तय सीमा में ही बजाए जाएं। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग न करें।
जबरन चंदा वसूली नहीं
प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी से भी जबरन चंदा न लिया जाए। अगर कोई माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पुलिस और प्रशासन की तैयारी
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि त्योहारों के दौरान हर चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहेगा। होलिका दहन में टायर या अन्य ज्वलनशील पदार्थ न जलाएं।
नवरात्रि के दौरान जुलूस और मूर्ति स्थापना करते समय यातायात व्यवस्था का ध्यान रखा जाए।
साफ-सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था
नगर पालिका को त्योहारों के दौरान साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल टीम और एम्बुलेंस तैयार रखने को कहा गया है। फायर ब्रिगेड भी कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगी।
हर्बल रंगों की बिक्री की अपील
व्यापारियों से अपील की गई है कि बाजार में अच्छी गुणवत्ता के हर्बल रंग और गुलाल ही बेचें।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि होली, नवरात्रि और ईद सहित सभी त्योहार आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं, ताकि जिले की परंपरा और सौहार्द कायम रहे।
